-एस.पी. चोपड़ा : त्रिशा स्टूडियोज़ आगामी फीचर फिल्म ‘कृष्ण अवतार – श्री रामदेव पीर’ लेकर आ रहा है। फिल्म का निर्माण तिलोक कोठारी कर रहे हैं और यह त्रिशा स्टूडियोज़ की प्रस्तुति है।
फिल्म श्री रामदेव पीर की जन्मकथा, जीवन, लोककथाओं, परंपराओं और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को एक व्यापक सिनेमाई कथा के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास है।
प्रचलित लोकमान्यताओं और धार्मिक आस्था के अनुसार, श्री रामदेव पीर को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। राजस्थान और गुजरात सहित देश के विभिन्न हिस्सों में उनके जीवन और लोकपरंपराओं से जुड़ी कथाएँ पीढ़ियों से प्रचलित रही हैं। फिल्म इन्हीं लोकमान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं को सिनेमाई रूप में दर्शकों तक पहुँचाने का प्रयास करेगी।
व्यक्तिगत आस्था से फिल्म तक का सफर :
फिल्म के निर्माता तिलोक कोठारी पिछले 39 वर्षों से श्री रामदेव पीर के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पदयात्रा करते आ रहे हैं। इसके साथ ही, पिछले करीब 12 वर्षों से प्रत्येक दूज के अवसर पर वे लगातार श्री रामदेव पीर के दर्शन करते आ रहे हैं।
वर्षों से चली आ रही यह व्यक्तिगत आस्था और जुड़ाव ही इस फिल्म की मूल प्रेरणा बनी। इसी अनुभव को एक बड़े सिनेमाई कैनवास पर प्रस्तुत करने की इच्छा ने इस फिल्म की परिकल्पना को जन्म दिया।
पिछले लगभग पाँच वर्षों से तिलोक कोठारी फिल्म की परिकल्पना, शोध और विकास पर कार्य कर रहे हैं। लंबे समय की तैयारी और विकास के बाद अब फिल्म निर्माण के लिए तैयार है और जल्द ही इसका फिल्मांकन शुरू किया जाएगा।
फिल्म का उद्देश्य :
‘कृष्ण अवतार – श्री रामदेव पीर’ का उद्देश्य श्री रामदेव पीर की जन्मकथा, जीवन और उनसे जुड़ी लोकपरंपराओं को देशभर के दर्शकों तक पहुँचाना है।
फिल्म का सामाजिक संदेश मानवता, समानता, सेवा और आपसी सद्भाव पर केंद्रित रहेगा। फिल्म यह संदेश देने का प्रयास करेगी कि जाति, वर्ग और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर मानवता को प्राथमिकता दी जाए तथा प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान, समानता और सद्भाव का भाव रखा जाए।
श्री रामदेव पीर की परंपरा का विशेष सांस्कृतिक संबंध राजस्थान और गुजरात से रहा है, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों में भी उनके प्रति श्रद्धा देखने को मिलती है। इसी व्यापक सांस्कृतिक और मानवीय संदर्भ के साथ फिल्म को पूरे भारत के दर्शकों तक पहुँचाने की योजना है।













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